जीवविज्ञान

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मानव स्वास्थ्य और रोग

ऐस्केरिएसिस, हाथीपाँव और दाद (Ascariasis, Elephantiasis & Ringworm) – Class 12 Biology notes in Hindi

ऐस्केरिएसिस (Ascariasis) :- ऐस्केरिएसिस रोग, एस्केरिस लुम्ब्रिकोइड्स (Ascaris lumbricoides) नामक गोलकृमि के कारण होता है। दूषित भोजन या पानी के माध्यम से गोलकृमि के अंडे आंतों में जाकर फूटते हैं और लार्वा फिर वयस्क में बदल जाते हैं। लक्षण (Symptoms) :- उपचार (Treatment) :- Anti-parasitic medications like albendazole, mebendazole, ivermectin, or pyrantel pamoate. हाथीपाँव रोग […]

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मानव स्वास्थ्य और रोग

अमीबीय पेचिश (Amoebiasis) उसका प्रसारण, लक्षण और उपचार – Class 12 Biology Notes in Hindi

अमीबीय पेचिश (Amoebiasis) :- मनुष्य के बड़ी आंत में पाए जाने वाले एंटअमीबा हिस्टोलिटिका (Entamoeba hitolytica) नामक प्रोटोज़ोआ परजीवी से अमीबीय पेचिश होता है। प्रसारण (transmission) :-– घरेलू मक्खी (housefly) संक्रमित व्यक्ति के मल (stool) से रोगाणु को भोजन तथा जल तक पहुँचा कर उसे प्रदूषित करते हैं तथा उसके सेवन से दूसरों में यह

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मानव स्वास्थ्य और रोग

मानव स्वास्थ्य और रोग (Human Health and Disease) – Class 12 NCERT Notes in Hindi

स्वास्थ्य (Health) :- वैसी स्थिति, जिसमें पूर्ण रूप से शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक संपन्नता हो तथा किसी प्रकार का रोग न हो उसे स्वास्थ्य कहते हैं। जब व्यक्ति स्वास्थ्य होते हैं, तो कार्य करने की क्षमता तथा उत्पादकता (productivity) बढ़ती है। अच्छे स्वास्थ्य की मूल शर्तें (Conditions for good health) :- 1.संतुलित आहार (Balance diet)

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आनुवंशिकी

जीन अभिव्यक्ति का नियमन (Regulation of Gene Expression) – Class 12 Biology

जीन अभिव्यक्ति का नियमन (Regulation of Gene Expression) :- यह ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोशिकाएं यह तय करती हैं कि कौन से जीन को कब और कितना सक्रिय करना है। इस नियमन के फलस्वरुप पॉलिपेप्टाइड चैन या प्रोटीन का निर्माण होता है, जिसे कई स्तरों पर नियमित किया जाता है। सुकेंद्रकी या यूकैरियोटिक में

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मानव स्वास्थ्य और रोग

सामान्य जुकाम (Common Cold), लक्षण, प्रसार और उपचार – Class 12 Biology Notes in Hindi

सामान्य जुकाम (Common cold) :- Rhinovirus के द्वारा मनुष्य में सबसे ज़्यादा संक्रामक रोग सामान्य जुकाम (Common cold) है। इस रोग के viruses नाक तथा श्वसन मार्ग को संक्रमित करते हैं, किंतु फेफड़े को नहीं। रोग के लक्षण (Symptoms of disease) :- नाक बंद (nasal congestion) तथा बहना (discharge), गले मे खराश (sore throat), स्वर

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मानव स्वास्थ्य और रोग

न्यूमोनिया (Pneumonia) तथा इसके लक्षण, प्रसार और उपचार – Class 12 Biology Notes in Hindi

न्यूमोनिया रोग (Pneumonia disease) :- Streptococcus pneumoniae तथा Haemophilus influenzae bacteria के कारण न्यूमोनिया रोग होता है। ये फेफड़ा के वायुकोश (alveoli) को संक्रमित (infect) करते हैं। संक्रमण से वायुकोश में तरल पदार्थ भर जाता है, जिसके कारण साँस लेने में तकलीफ होती है। रोग के लक्षण (Symptoms of disease) :- ज्वर/बुखार, ठंढ लगना, खाँसी

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मानव स्वास्थ्य और रोग

टाइफाइड, इसका लक्षण तथा उपचार

टाइफाइड (Typhoid) :- Salmonella typhi नामक pathogenic bacterium के कारण यह रोग होता है। सामान्य लक्षण (common symptoms) :- तेज बुखार (39oC – 40oC), कमजोरी, पेट में दर्द, सर दर्द, भूख कम लगना (Loss of appetite) तथा कब्ज (constipation)। रोग की पहचान (Diagnosis) :- Widal test से typhoid की पुष्टि होती है। उपचार (treatnent) :-

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क्रमविकास

मानव का विकास

मानव का विकास (Human Evolution) :- लगभग 15 मिलियन वर्ष पूर्व ड्रायोपीथिकस तथा रामापीथिकस नामक प्राइमेट्स रहते थे। इनके शरीर पर बाल थे। ये गोरिल्ला तथा चिंपांजी की तरह चलते थे। ड्रायोपीथिकस कपि के समान तथा रामापीथिकस मानव जैसा था। होमो हैबिलिस (Homo habilis) :- खोजे गए अस्थियों के आधार पर माना जाता है कि

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क्रमविकास

क्रमविकास का संक्षिप्त विवरण

क्रमविकास का संक्षिप्त विवरण (A brief accont of evolution) :- लगभग 2000 मिलियन वर्ष पूर्व (mya) पृथ्वी पर पहला कोशिकीय जीव प्रकट हुआ। कुछ कोशिकाओं में O2 को release करने की क्षमता थी। धीरे-धीरे एककोशिकीय जीव बहुकोशिकीय में परिवर्तित हुए। उभयचर (amphibia) :- संभवतः 350 mya मजबूत तथा सुदृढ़ पंख वाली मछलियाँ धरती पर आ

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क्रमविकास

हार्डी – वेनबर्ग संतुलन

हार्डी – वेनबर्ग संतुलन ( Hardy – Weinberg equilibrium) :- यह सिद्धांत ब्रिटिश गणितज्ञ हार्डी और जर्मन चिकित्सक वेनबर्ग (1908) द्वारा स्वतंत्र रूप से प्रस्तावित किया गया था। दोनों के विचारों को उनके नामों के आधार पर हार्डी – वेनबर्ग संतुलन कहा जाता है। हार्डी – वेनबर्ग संतुलन के अनुसार जीन आवृत्तियां (gene friquencies) और

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क्रमविकास

क्रमविकास की क्रियाविधि

क्रमविकास की क्रियाविधि (Mechanism of evolution) :- किसी भी जीव की वास्तविक रचना आनुवंशिकीय एवं वातावरणीय कारणों द्वारा निश्चित होती है। लामार्क (Lamark) ने क्रमविकास की क्रियाविधि में केवल वातावरण पर ही बहुत अधिक बल दिया था। वीसमान (Weismann) ने वातावरण की उपेक्षा की थी। संश्लेषण सिद्धांत (Synthetic theory) :- यह विकासवाद का सबसे आधुनिक

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क्रमविकास

क्रमविकास के प्रमाण

क्रमविकास के प्रमाण (Evidences of Evolution) :- पृथ्वी पर जीवों के क्रमविकास के कई प्रमाण है। जैसे – जीवाश्म विज्ञान, भ्रूण विज्ञान, समजात अंग, असमजात अंग, प्राकृतिक चयन, मानवजनित क्रियाएँ आदि से मिले प्रमाण। 1. जीवाश्म विज्ञान से मिले प्रमाण (Palaeontological evidence) :- चट्टानों के अंदर जीवों के कठोर अवशेष को जीवाश्म (fossils) कहते हैं

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