प्राणियों में संरचनात्मक संगठन

प्राणियों में संरचनात्मक संगठन :-

प्राणियों में संरचनात्मक संगठन (Structural Organisation in Animals) के अंतर्गत प्राणियों के शरीर में ऊतकों (Tissues), अंगों (Organs), अंग-तंत्रों (Organ Systems) तथा मेंढक (Frog) की आकारिकी एवं शरीर रचना का अध्ययन किया जाता है।

बहुकोशिकीय जीवों में कोशिकाएँ, ऊतक, अंग तथा अंग-तंत्र मिलकर कार्य करते हैं।

संरचनात्मक संगठन के स्तर :-

कोशिका (Cell) – शरीर की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई।

ऊतक (Tissue) – समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह।

अंग (Organ) – विभिन्न ऊतकों से मिलकर बना शरीर का भाग।उदाहरण : हृदय, यकृत, वृक्क

अंग-तंत्र (Organ System) – कई अंग मिलकर एक विशेष कार्य करते हैं। उदाहरण : पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र, परिसंचरण तंत्र।

प्राणी ऊतक (Animal Tissues) : –

प्राणियों में मुख्यतः चार प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं।

(A) उपकला ऊतक (Epithelial Tissue) :-

यह शरीर की बाहरी सतह तथा आंतरिक गुहाओं को ढकता है। कार्य – सुरक्षा, अवशोषण, स्रवण,उत्सर्जन

प्रकार –
1. सरल उपकला (Simple Epithelium) : –

एक परत वाली कोशिकाएँ।

प्रकार :-

शल्की उपकला (Squamous), घनाकार उपकला (Cuboidal), स्तम्भाकार उपकला (Columnar) तथा पक्ष्माभी उपकला (Ciliated)

2. संयुक्त उपकला (Compound Epithelium) : –

कई परतों वाली कोशिकाएँ। सुरक्षा का कार्य।

(B) संयोजी ऊतक (Connective Tissue) :-

यह शरीर के विभिन्न अंगों को जोड़ता है।

प्रमुख प्रकार :-

1. ढीला संयोजी ऊतक – एरियोलर ऊतक तथा वसामय ऊतक (Adipose Tissue)

2. सघन संयोजी ऊतक – कण्डरा (Tendon) तथा स्नायुबंधन (Ligament)

3. विशेषीकृत संयोजी ऊतक – उपास्थि (Cartilage), अस्थि (Bone) तथा रक्त (Blood)

(C) पेशीय ऊतक (Muscular Tissue) :-

प्रकार –

1. कंकाली पेशी ऐच्छिक धारीदार 2. चिकनी पेशी अनैच्छिक अधारीदार 3. हृदय पेशी अनैच्छिक शाखित

(D) तंत्रिका ऊतक (Neural Tissue) :-

न्यूरॉन इसकी संरचनात्मक इकाई है।

संदेशों का संचार करता है।

न्यूरॉन के भाग :-

कोशिका काय (Cyton), डेन्ड्राइट तथा अक्षतंतु (Axon)

मेंढक (Frog) :-

वैज्ञानिक नाम – Hoplobatrachus tigerinus

भारतीय मेंढक का वैज्ञानिक नाम – राना टिग्रना है।

विशेषताएँ –

उभयचर (Amphibian)। जल एवं स्थल दोनों में रहता है।

शीत-रक्तीय (Cold-blooded) होता है।

शत्रुओं से छिपने के लिए रंग परिवर्तन की क्षमता होती है, जिसे छद्म आवरण कहते हैं और यह प्रक्रिया अनुहरण (mimicry) कहलाता है।

सर्दी तथा गर्मी से अपनी रक्षा के लिए गहरे गड्ढे में चले जाते हैं, जिन्हें क्रमशः शीत निष्क्रियता (hibernation) तथा ग्रिष्म निष्क्रियता (aestivation) कहते हैं।

मेंढक की बाह्य संरचना :-

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शरीर सिर एवं धड़ में विभाजित।

गर्दन एवं पूँछ अनुपस्थित।

दो जोड़ी पैर। अग्र पाद छोटे तथा चार अंगुलियाँ, जबकि पश्च पाद लंबे तथा पाँच अंगुलियाँ।

त्वचा नम एवं ग्रंथियुक्त।

मेंढक का पाचन तंत्र :-

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मुख → ग्रसनी → ग्रासनली → आमाशय → छोटी आंत → बड़ी आंत → क्लोएका

भोजन का पाचन आमाशय मे HCl तथा पाचक रस द्वारा।

सहायक ग्रंथियाँ – यकृत (Liver), अग्न्याशय (Pancreas)

अर्धपाचित भोजन (काइम) छोटी आंत के ग्रहणी में पितरस तथा अग्नाशयी रस प्राप्त करता है।

पित्तरस वसा जबकि अग्नाशयी रस कर्बोहाइड्रेट्स तथा प्रोटीन का पाचन करता है।

भोजन का अंतिम पाचन आंत में तथा पाचित भोजन का अवशोषण भी सूक्ष्म रसांकुर (micro villi) द्वारा छोटी आंत में ही होता है।

अपच भोजन क्लोएका या अवस्कर द्वारा बाहर निष्कासित कर दिया जाता है।

श्वसन तंत्र :-

मेंढक तीन प्रकार से श्वसन करता है:

  1. त्वचीय श्वसन (Cutaneous Respiration) – नम त्वचा द्वारा। जलीय श्वसन अंग, जल में घुलित ऑक्सीजन लेता है। स्थल पर शीत तथा ग्रिष्म निष्क्रियता के दौरान त्वचा द्वारा श्वसन।
  2. मुख-ग्रसनीय श्वसन (Buccopharyngeal Respiration) – वायवीय श्वसन
  3. फुफ्फुसीय श्वसन (Pulmonary Respiration) – स्थल पर, फेफड़ों द्वारा।

परिसंचरण तंत्र :-

हृदय तीन कक्षीय – दो अलिंद तथा एक निलय

परिसंचरण अपूर्ण

द्विगुण परिसंचरण

उत्सर्जन तंत्र :-

उत्सर्जी अंग – वृक्क (Kidneys)

उत्सर्जी पदार्थ – यूरिया। इसलिए मेंढक यूरियोटेलिक (Ureotelic) कहलाता है।

तंत्रिका तंत्र :-

भाग – केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS), परिधीय तंत्रिका तंत्र (PNS) तथा स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (ANS)

प्रजनन तंत्र :-

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चित्र :- नर तथा मादा मेंढक का प्रजनन तंत्र।

नर में वृषण (Testes) तथा मादा में अंडाशय (Ovaries)

निषेचन – बाह्य निषेचन (External Fertilization)

विकास – टैडपोल (Tadpole) लार्वा बनता है।

रूपांतरण (Metamorphosis) द्वारा वयस्क मेंढक बनता है।

बिहार बोर्ड हेतु महत्वपूर्ण MCQs

  1. शरीर की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है — उत्तर: कोशिका
  2. रक्त किस प्रकार का ऊतक है? उत्तर: संयोजी ऊतक
  3. कण्डरा (Tendon) क्या जोड़ती है? उत्तर: पेशी को अस्थि से
  4. हृदय पेशी होती है— उत्तर: अनैच्छिक एवं शाखित
  5. न्यूरॉन का सबसे लंबा भाग है— उत्तर: अक्षतंतु (Axon)
  6. मेंढक का हृदय कितने कक्षों का होता है? उत्तर: 3
  7. मेंढक में निषेचन होता है— उत्तर: बाह्य निषेचन
  8. मेंढक किस प्रकार का उत्सर्जी प्राणी है? उत्तर: यूरियोटेलिक
  9. मेंढक किस वर्ग का सदस्य है? उत्तर: Amphibia
  10. रक्त किस प्रकार का संयोजी ऊतक है? उत्तर: द्रव संयोजी ऊतक

बिहार बोर्ड के लिए सबसे महत्वपूर्ण 5 अंकों के प्रश्न

  1. उपकला ऊतक के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
  2. संयोजी ऊतक के प्रकार एवं कार्य लिखिए।
  3. पेशीय ऊतक के प्रकारों में अंतर बताइए।
  4. न्यूरॉन की संरचना का वर्णन कीजिए।
  5. मेंढक के पाचन तंत्र का वर्णन कीजिए।
  6. मेंढक के परिसंचरण तंत्र का वर्णन कीजिए।
  7. मेंढक के प्रजनन तंत्र का वर्णन कीजिए।
  8. प्राणी ऊतकों का वर्गीकरण कीजिए।

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